Vedic Books

न्याय दर्शन(Nyay Darshan)(पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी)

330.00
29 people are viewing this right now
Estimated Delivery:
Feb 26 - 05 Mar, 2026
payment-processing
Guaranteed safe & secure checkout

Description

पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी जी एक दार्शनिक विद्वान् थे जिन्होंने चौबीस वर्ष (24) की अल्पायु में ही संस्कृत, अरबी, फ़ारसी, अंग्रेजी, वैदिक साहित्य, अष्टाध्यायी, भाषा विज्ञान, पदार्थ विज्ञान, वनस्पति शास्त्र, नक्षत्र विज्ञान, शरीर विद्या, आयुर्वेद, दर्शन शास्त्र, इतिहास, गणित आदि का जो समयक ज्ञान प्राप्त कर लिया था , उसे देख कर बड़े-बड़े विद्वान चकित रह जाते थे।उनके ज्ञान का अनुमान लगाना पर्वत को तोलना था।
गुरुदत्त जी का एक वर्ष(सन् 1888) का कार्य और उपलब्धियां :
– स्वर विज्ञान का अध्ययन
– वेद मन्त्रों के शुद्ध तथा सस्वर पाठ की विधि का प्रचलन
– दिग्गज साधुओं को आर्यसमाजी बनाया
– कई व्याख्यान किये तथा कई लेख और ग्रन्थ लिखे
– पाश्चात्य लेखकों के द्वारा आर्यधर्म पर किये गये पक्षपातपूर्ण आक्षेपों के उत्तर दिए
– शिक्षित वर्ग इस विद्यावारिधि के पास शंका समाधान के लिए आता रहा है|

0
Enable Notifications OK No thanks