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Sankshipt Garudpuran (Hindi) – Shraddh Karma Vidhi | Gita Press Gorakhpur

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संक्षिप्त गरुड़पुराण (हिन्दी) अष्टादश महापुराणों में मृत्यु-पश्चात् आत्मा की गति, श्राद्ध-कर्म, पिण्डदान-विधि तथा प्रेतयोनि से मुक्ति के सिद्धान्तों का विस्तृत वर्णन करने वाला अत्यन्त महत्त्वपूर्ण वैष्णव पुराण है। गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह संक्षिप्त संस्करण मूल गरुड़पुराण के सार-तत्त्व को सरल एवं सुबोध हिन्दी भाषा में प्रस्तुत करता है, जिससे सामान्य गृहस्थ पाठक भी इस गूढ़ एवं महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ के सिद्धान्तों को सहजता से समझ सके। गरुड़पुराण में प्रेतकल्प, धर्मकाण्ड, मृत्यु के पश्चात् होने वाली विभिन्न लोक-यात्राओं, यमलोक-वर्णन, श्राद्ध-तिथि-निर्णय तथा पिण्डदान की विधि-विधान का विस्तृत वर्णन मिलता है, जो हिन्दू अन्त्येष्टि-संस्कार एवं श्राद्ध-कर्म की परम्परा का मूल आधार माना जाता है। इसके साथ ही इस ग्रन्थ में धर्म, अर्थ, नीति, आयुर्वेद, ज्योतिष तथा मन्त्र-विद्या से सम्बन्धित अनेक उपयोगी विषयों का भी संक्षिप्त वर्णन सम्मिलित है, जिससे यह ग्रन्थ केवल अन्त्येष्टि-सम्बन्धी ग्रन्थ न रहकर एक व्यापक जीवन-मार्गदर्शक पुस्तिका का रूप ले लेता है। गीता प्रेस की यह परम्परा शुद्ध पाठ, त्रुटिहीन मुद्रण तथा सरल भाषा-शैली के लिए विश्वभर में विश्वसनीय मानी जाती है, जिससे यह संक्षिप्त संस्करण पुरोहितों, कर्मकाण्डी ब्राह्मणों तथा सामान्य गृहस्थ परिवारों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होता है। परिवार में किसी सदस्य के देहावसान के पश्चात् श्राद्ध-कर्म तथा अन्त्येष्टि-संस्कार की विधि-विधान को समझने हेतु यह ग्रन्थ एक अनिवार्य सन्दर्भ-सामग्री प्रदान करता है। पुरोहितों तथा कर्मकाण्डी ब्राह्मणों के लिए यह ग्रन्थ श्राद्ध-कर्म सम्पन्न कराने हेतु एक प्रामाणिक मार्गदर्शक का कार्य करता है, जिससे वे शास्त्रोक्त विधि-विधान का यथावत् पालन कर सकें। आत्मा की अमरता, कर्म-सिद्धान्त तथा पुनर्जन्म से सम्बन्धित गूढ़ दार्शनिक विषयों का भी इस ग्रन्थ में सुव्यवस्थित वर्णन मिलता है, जो भारतीय अध्यात्म-दर्शन के अध्येताओं के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है। पितृपक्ष तथा श्राद्ध-कर्म के अवसर पर इस ग्रन्थ का पाठ विशेष रूप से किया जाता है, जिससे पितरों की आत्मा को शान्ति प्राप्त हो। गृहस्थ परिवारों में यह ग्रन्थ प्रायः संकट-काल में सन्दर्भ हेतु सुरक्षित रखा जाता है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से गीता प्रेस का यह प्रामाणिक संक्षिप्त गरुड़पुराण पुरोहितों तथा गृहस्थ परिवारों तक सुरक्षित पैकेजिंग सहित सुगमता से पहुँचाया जाता है। पितृपक्ष तथा श्राद्ध-कर्म के अवसर पर पुरोहित वर्ग इस ग्रन्थ का विशेष रूप से सन्दर्भ लेते हैं, जिससे शास्त्रोक्त विधि-विधान का यथावत् पालन सुनिश्चित हो सके। परिवार में किसी वरिष्ठ सदस्य के देहावसान के पश्चात् यह ग्रन्थ परिजनों को मानसिक सांत्वना तथा धार्मिक मार्गदर्शन दोनों प्रदान करता है। आयुर्वेद तथा ज्योतिष के प्रारम्भिक विद्यार्थी भी इस ग्रन्थ में वर्णित सम्बन्धित अंशों का अध्ययन करते हैं। गीता प्रेस की यह संक्षिप्त एवं सुगम शैली इस गूढ़ विषय को सामान्य पाठकों के लिए भी सहज बोधगम्य बनाती है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से यह प्रामाणिक संक्षिप्त गरुड़पुराण सुरक्षित पैकेजिंग सहित परिवारों एवं पुरोहितों तक पहुँचाया जाता है। भारतीय मृत्यु-संस्कार तथा पारलौकिक जीवन सम्बन्धी दर्शन के अध्येताओं के लिए यह ग्रन्थ एक प्रामाणिक एवं सुगम सन्दर्भ-स्रोत प्रदान करता है। कर्म-सिद्धान्त तथा पुनर्जन्म पर विश्वास रखने वाले पाठक इस ग्रन्थ के माध्यम से अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करते हैं। परिवार में यह ग्रन्थ प्रायः पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखा जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर सन्दर्भ हेतु उपयोग किया जाता है। कर्मकाण्ड-विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी इस ग्रन्थ को प्रारम्भिक पाठ्य-सामग्री के रूप में उपयोग करते हैं। यह संस्करण शास्त्रोक्त विधि-विधान की शुद्धता बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है। यह ग्रन्थ जीवन एवं मृत्यु के गूढ़ रहस्यों को समझने की दिशा में पाठकों को एक स्पष्ट एवं शास्त्रसम्मत दृष्टिकोण प्रदान करता है। यह ग्रन्थ परिवार के प्रत्येक सदस्य को जीवन के अन्तिम सत्य से शास्त्रसम्मत एवं संयमित ढंग से परिचित कराने में सहायक सिद्ध होता है।

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