अर्थविज्ञान और व्याकरण दर्शन | Arthvigyan aur Vyakaran Darshan

Product details
अर्थविज्ञान और व्याकरण दर्शन डॉ. कपिल देव द्विवेदी द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण विद्वतापूर्ण ग्रंथ है जिसमें संस्कृत व्याकरण के दार्शनिक आधार और अर्थ-सिद्धान्तों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इस पुस्तक में भाषा, शब्द, वाक्य, ध्वनि, व्युत्पत्ति तथा अर्थ के संबंध को तार्किक और दार्शनिक दृष्टि से समझाया गया है।
यह ग्रंथ व्याकरण-दर्शन, भाषा-मीमांसा और ज्ञान की प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों का विवेचन करता है। हिंदी और संस्कृत दोनों भाषाओं में उपलब्ध यह पुस्तक शोधकर्ताओं, आचार्यों तथा संस्कृत अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी संदर्भ-ग्रंथ है।
Shipping and Returns
Shipping cost is based on weight. Just add products to your cart and use the Shipping Calculator to see the shipping price.
We want you to be 100% satisfied with your purchase. Items can be returned or exchanged within 30 days of delivery.






