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Sankshipt Shivpuran Special Edition (Hindi) – Shiv Leela | Gita Press Gorakhpur

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संक्षिप्त शिवपुराण (विशेष संस्करण) भगवान शिव की अनन्त लीलाओं एवं शैव-सिद्धान्त के सार-तत्त्व को संक्षिप्त परन्तु सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने वाला गीता प्रेस गोरखपुर का विशिष्ट प्रकाशन है। यह संस्करण उन पाठकों के लिए अत्यन्त उपयोगी है जो विशाल शिवमहापुराण के विस्तृत स्वरूप का अध्ययन करने में असमर्थ होते हुए भी उसके मूल भाव, कथा-प्रवाह तथा धार्मिक सन्देश को आत्मसात् करना चाहते हैं। इस संक्षिप्त संस्करण में भगवान शिव के विभिन्न अवतारों, सती-पार्वती प्रसंग, दक्ष-यज्ञ-विध्वंस, कार्तिकेय एवं गणेश की जन्म-कथाओं, तथा द्वादश ज्योतिर्लिंगों की उत्पत्ति एवं महिमा का सारगर्भित वर्णन सम्मिलित किया गया है। शिव-पूजन विधि, रुद्राक्ष-माहात्म्य, शिवरात्रि-व्रत कथा एवं पंचाक्षर मन्त्र की महिमा को भी सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे गृहस्थ पाठक नित्य उपासना में इसका सहज उपयोग कर सकें। गीता प्रेस की यह विशेष संस्करण-शैली शुद्ध एवं त्रुटिहीन पाठ, स्पष्ट मुद्रण तथा सुगम हिन्दी भाषा के लिए प्रसिद्ध है, जिससे यह ग्रन्थ बालक, वृद्ध, स्त्री-पुरुष सभी आयु-वर्ग के पाठकों हेतु सुगम बन जाता है। पुराण-साहित्य में शिवपुराण का स्थान अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसमें शिव को न केवल संहारक अपितु कल्याणकारी, करुणामय तथा भक्तवत्सल देवता के रूप में चित्रित किया गया है। संक्षिप्त स्वरूप होने के कारण यह संस्करण उन व्यस्त जीवन-शैली वाले आधुनिक पाठकों के लिए आदर्श है जो सीमित समय में भी सनातन धर्म के गूढ़ ज्ञान से जुड़ना चाहते हैं। धार्मिक कथावाचकों, कथा-प्रवचन करने वाले विद्वानों तथा गृहस्थ साधकों के लिए यह एक सुगम सन्दर्भ-ग्रन्थ के रूप में कार्य करता है, जिसे शिवरात्रि, सोमवार-व्रत अथवा सावन मास में पारायण हेतु विशेष रूप से उपयोग में लाया जाता है। इस संस्करण में प्रत्येक प्रसंग के अन्त में संक्षिप्त फलश्रुति दी गई है जो पाठक को कथा के आध्यात्मिक महत्त्व को समझने में सहायता करती है। भारतीय परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस ग्रन्थ का पाठ परम्परा के रूप में चलता आया है, और यह विशेष संस्करण उस परम्परा को आधुनिक पाठकों तक सुगमता से पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से गीता प्रेस का यह प्रामाणिक संक्षिप्त शिवपुराण अब श्रद्धालु पाठकों के घर-घर तक सहज उपलब्ध हो सकेगा, जिससे सनातन धर्म की यह अमूल्य विरासत नई पीढ़ी तक सुरक्षित रूप से संचरित हो सके। यह संक्षिप्त संस्करण विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयुक्त है जहाँ नई पीढ़ी के बालक-बालिकाएँ पौराणिक कथाओं से परिचित होना चाहते हैं, परन्तु विशाल ग्रन्थों के अध्ययन में समय का अभाव रहता है। गीता प्रेस की मुद्रण-गुणवत्ता तथा स्पष्ट अक्षर-संयोजन इस पुस्तक को वृद्ध पाठकों के लिए भी सुखद अनुभव प्रदान करता है। सोमवार-व्रत, महाशिवरात्रि तथा सावन मास में पारिवारिक सत्संग के दौरान इस ग्रन्थ का सामूहिक वाचन एक सुस्थापित परम्परा बन चुकी है, जो पीढ़ियों के मध्य धार्मिक संस्कारों के सम्प्रेषण का सशक्त माध्यम सिद्ध होती है। आधुनिक डिजिटल युग में जब पाठकों के पास समय की कमी होती है, ऐसे में यह संक्षिप्त संस्करण शिवपुराण के सार-तत्त्व को बिना किसी हानि के प्रस्तुत करता है। कथा-प्रवचन करने वाले आचार्य इसे प्रारम्भिक स्तर के श्रोताओं के लिए प्रयोग करते हैं, जिससे विस्तृत ग्रन्थ के अध्ययन हेतु उनकी रुचि जागृत हो सके। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से यह प्रामाणिक गीता प्रेस प्रकाशन अब सुरक्षित पैकेजिंग के साथ देश के किसी भी कोने में उपलब्ध हो सकेगा। यात्रा के दौरान अथवा सीमित भण्डारण-स्थान वाले घरों में भी यह संक्षिप्त संस्करण रखना अत्यन्त सुविधाजनक सिद्ध होता है। इस संस्करण की भाषा-शैली इतनी सरल है कि प्रथम बार पुराण-साहित्य से परिचित होने वाले पाठक भी बिना किसी कठिनाई के इसका भावार्थ समझ सकते हैं, जिससे यह नवीन पाठकों के लिए प्रवेश-द्वार का कार्य करता है। धार्मिक संस्थानों द्वारा आयोजित निःशुल्क वितरण-अभियानों में भी संक्षिप्त ग्रन्थों की माँग अधिक रहती है, जिससे यह संस्करण सामाजिक धर्म-प्रसार कार्यों हेतु भी उपयुक्त सिद्ध होता है। गीता प्रेस की यह शैली अर्थ-संगति तथा भाव-सौंदर्य दोनों को संतुलित रूप से प्रस्तुत करती है।

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