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Yog Vigyan

Description
Yog Vigyan book is a comprehensive and authoritative guide to the complete science of yoga — covering all major forms of yoga, the eight limbs of Patanjali’s classical system, and the philosophical foundations that make yoga one of the world’s most profound spiritual sciences. योग विज्ञान हिन्दी में योग के विभिन्न प्रकारों, अष्टांग योग के सिद्धान्तों एवं योग-विज्ञान के सम्पूर्ण दार्शनिक आधार का एक प्रामाणिक एवं विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
Yog Vigyan Book — योग के विभिन्न प्रकार
योग विज्ञान में राजयोग, हठयोग, कुण्डलिनी योग, ज्ञानयोग, कर्मयोग एवं भक्तियोग जैसे विभिन्न प्रकारों का विस्तृत विवेचन किया गया है। प्रत्येक योग-पद्धति अपने-आप में एक सम्पूर्ण साधना-मार्ग है जो साधक को अपनी प्रकृति एवं आवश्यकता के अनुसार चुनने का विकल्प देती है। यह Yog Vigyan book इन सभी मार्गों को एक सूत्र में पिरोकर प्रस्तुत करती है।
इस योग विज्ञान हिन्दी ग्रन्थ में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि — इन आठों अंगों का विस्तृत विवेचन किया गया है। प्रत्येक अंग का वैज्ञानिक एवं दार्शनिक महत्त्व भी इस ग्रन्थ में स्पष्ट किया गया है। पाठक यह जानकर आश्चर्यचकित होंगे कि योग के इन सिद्धान्तों का वैज्ञानिक आधार आज भी उतना ही सशक्त है।
योग विज्ञान हिन्दी — आधुनिक विज्ञान एवं योग
आधुनिक चिकित्सा-विज्ञान ने भी योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों को प्रमाणित किया है। तनाव-निवारण, रोग-प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि एवं मानसिक शान्ति में योग का योगदान अब वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है। यह Yog Vigyan book उन वैज्ञानिक तथ्यों को प्राचीन योग-शास्त्र के साथ जोड़कर प्रस्तुत करती है।
वैदिक परम्परा में योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं — यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग है। यही योग विज्ञान हिन्दी पुस्तक का मूल सन्देश है। आज जब विश्वभर में योग की लोकप्रियता बढ़ रही है, यह ग्रन्थ योग को उसके प्रामाणिक वैदिक स्वरूप में समझने का एक महत्त्वपूर्ण साधन है।
Yog Vigyan Book — सभी साधकों के लिए
यह Yog Vigyan book नवसाधकों से लेकर अनुभवी योगियों तक सभी के लिए उपयोगी है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह योग विज्ञान हिन्दी ग्रन्थ भारत की महान् योग-परम्परा का एक प्रामाणिक एवं समग्र विवेचन है।
योग विज्ञान की दृष्टि से यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि योग एक जीवन-शैली है, न केवल एक साप्ताहिक कक्षा। यह Yog Vigyan book इसी समग्र दृष्टि को प्रस्तुत करती है — योग को जीवन के प्रत्येक क्षण में जीना। उठने से लेकर सोने तक, खाने-पीने से लेकर कार्य करने तक — योग के सिद्धान्त जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं। इस योग विज्ञान हिन्दी ग्रन्थ में इस जीवन-शैली को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया गया है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह Yog Vigyan book प्रत्येक योग-जिज्ञासु के संग्रह में होनी चाहिए।
योग विज्ञान को समझने के लिए पहले ‘योग’ शब्द का अर्थ समझना आवश्यक है। ‘युज’ धातु से बने इस शब्द का अर्थ है ‘जोड़ना’ — आत्मा को परमात्मा से जोड़ना। यह Yog Vigyan book इस मूल अर्थ से प्रारम्भ होकर योग के सम्पूर्ण वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक पक्षों का विवेचन करती है। योग विज्ञान हिन्दी ग्रन्थ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आधुनिक ‘जिम योग’ एवं वास्तविक वैदिक योग में क्या अन्तर है। वास्तविक योग आन्तरिक परिवर्तन की प्रक्रिया है जबकि बाह्य आसन उसकी एक छोटी-सी सीढ़ी मात्र है। vedickarts.com पर यह योग विज्ञान हिन्दी पुस्तक उपलब्ध है।
योग-साधना में निरन्तरता एवं धैर्य सबसे महत्त्वपूर्ण है। दीर्घकाल तक निरन्तर एवं श्रद्धापूर्वक किया गया अभ्यास ही दृढ़ होता है। इस Yog Vigyan book में योग-साधना की इस निरन्तरता को बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए हैं। योग विज्ञान हिन्दी ग्रन्थ vedickarts.com पर उपलब्ध है।
योग-विज्ञान के अन्तर्गत प्राणायाम का विशेष महत्त्व है। प्राण ही जीवन का आधार है और प्राणायाम के माध्यम से प्राण पर नियन्त्रण स्थापित करना ही आत्मा की उन्नति का मार्ग है। इस Yog Vigyan book में अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति एवं अन्य प्राणायामों की विधि एवं उनके स्वास्थ्य-लाभ विस्तार से बताए गए हैं। ध्यान-साधना के माध्यम से मन की चंचलता को रोकना एवं आत्मा की गहराई में उतरना — यही वास्तविक योग-विज्ञान है। आधुनिक जीवन में जहाँ तनाव एवं मानसिक अशान्ति एक महामारी बन गई है, वहाँ यह योग विज्ञान हिन्दी पुस्तक एक प्रामाणिक समाधान प्रस्तुत करती है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह Yog Vigyan book अभी मँगाएँ।
योग विज्ञान की साधना में निरन्तरता सबसे महत्त्वपूर्ण है। दीर्घकाल तक निरन्तर एवं श्रद्धापूर्वक किया गया अभ्यास ही दृढ़ होता है। इस Yog Vigyan book में योग-साधना की इस निरन्तरता को बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए हैं। योग विज्ञान हिन्दी ग्रन्थ vedickarts.com पर उपलब्ध है। प्रत्येक योग-जिज्ञासु के लिए यह ग्रन्थ अनिवार्य है।
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