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Drishtant Samuchchay (दृष्टान्त समुच्चय) — Vedic Illustrations & Parables Collection | Arya Samaj Hindi

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Description

Drishtant Samuchchay book is a rare and invaluable collection of Vedic illustrations, parables, and exemplary stories drawn from the rich tradition of Indian dharmic literature — compiled to illuminate the deeper truths of Vedic philosophy through the power of narrative and example. दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी में वैदिक दर्शन एवं नैतिक शिक्षाओं को सरल दृष्टान्तों एवं कथाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

Drishtant Samuchchay Book — दृष्टान्त की शक्ति

भारतीय शास्त्रों में दृष्टान्त को ज्ञान-प्रसारण का सर्वाधिक प्रभावशाली माध्यम माना गया है। ‘दृष्टान्तेन विना वाक्यं शुष्कं वाष्पमिवाम्बरे’ — दृष्टान्त के बिना वाक्य उसी प्रकार निष्प्रभावी है जैसे आकाश में सूखी भाप। वेदों, उपनिषदों एवं महाभारत में दृष्टान्तों का प्रचुर उपयोग किया गया है क्योंकि एक अच्छा दृष्टान्त जटिल दार्शनिक सत्य को तुरन्त सुगम बना देता है।

यह Drishtant Samuchchay book उन्हीं दृष्टान्तों का एक सुव्यवस्थित संकलन है जो आर्य समाज के प्रवचनों, उपदेशों एवं शास्त्रार्थों में प्रयुक्त होते रहे हैं। इन दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी में संकलित कथाएँ एवं उदाहरण वैदिक सत्यों को इतनी सरलता से प्रकट करते हैं कि सामान्य पाठक भी तुरन्त उनसे जुड़ाव अनुभव करते हैं।

दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी — विषय एवं विभाजन

इस Drishtant Samuchchay book में ईश्वर-महिमा, आत्मा की शाश्वतता, कर्म-फल, सत्य-आचरण, परोपकार, विद्या का महत्त्व, दुर्गुणों का परिणाम एवं सुगुणों की महत्ता — इन सभी विषयों पर प्रासंगिक दृष्टान्त संकलित हैं। प्रत्येक दृष्टान्त के अन्त में उससे मिलने वाली शिक्षा भी स्पष्ट रूप से दी गई है।

यह संकलन आर्य समाज के उपदेशकों, वक्ताओं एवं शिक्षकों के लिए एक अत्यन्त उपयोगी सन्दर्भ-ग्रन्थ है।

Drishtant Samuchchay Book — वक्ताओं एवं शिक्षकों के लिए

यह Drishtant Samuchchay book आर्य समाज के प्रवचनकर्ताओं, विद्यालय-अध्यापकों, बाल-संस्कार कार्यक्रमों के संचालकों एवं धर्म-जिज्ञासु पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी ग्रन्थ वैदिक शिक्षण की एक दुर्लभ एवं संग्रहणीय कृति है।

दृष्टान्त देना एक कला है और इस Drishtant Samuchchay book में संकलित दृष्टान्त उस कला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। महर्षि दयानन्द सरस्वती स्वयं अपने प्रवचनों में दृष्टान्तों का अत्यन्त प्रभावशाली उपयोग करते थे। इसी परम्परा में यह दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी संकलन तैयार किया गया है। बच्चों को नैतिक शिक्षा देने के लिए दृष्टान्त सबसे प्रभावशाली माध्यम है क्योंकि कथा के माध्यम से दी गई शिक्षा बालक के मन पर स्थायी प्रभाव छोड़ती है। यह Drishtant Samuchchay book बाल-संस्कार कार्यक्रमों के लिए एक अमूल्य संसाधन है। vedickarts.com पर उपलब्ध है।

इस Drishtant Samuchchay book में संकलित दृष्टान्त विभिन्न स्रोतों से लिए गए हैं — वेद, उपनिषद्, महाभारत, रामायण, पञ्चतन्त्र एवं आर्य समाज के महान् विद्वानों के प्रवचन। इनकी विविधता इस ग्रन्थ को और भी समृद्ध बनाती है। यह दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी पुस्तक आर्य समाज के प्रत्येक सत्संग, विद्यालय एवं परिवार के लिए एक अनमोल उपहार है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह Drishtant Samuchchay book अभी मँगाएँ। दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी पुस्तक vedickarts.com पर उपलब्ध है। Drishtant Samuchchay book आर्य समाज के प्रवचनकर्ताओं एवं शिक्षकों के लिए एक दुर्लभ संसाधन है। एक अच्छा दृष्टान्त जटिल सत्य को तुरन्त सरल बना देता है। Drishtant Samuchchay book vedickarts.com से अभी मँगाएँ।

दृष्टान्त केवल मनोरञ्जन के लिए नहीं, वे ज्ञान को हृदय तक पहुँचाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम हैं। इस Drishtant Samuchchay book में संकलित प्रत्येक दृष्टान्त अपने भीतर एक गहरा वैदिक सत्य समेटे हुए है। आर्य समाज के उपदेशकों के लिए यह ग्रन्थ एक अमूल्य सन्दर्भ-ग्रन्थ है। यह दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी पुस्तक vedickarts.com पर उपलब्ध है। दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी की यह Drishtant Samuchchay book vedickarts.com पर उपलब्ध है। आज ही मँगाएँ। Drishtant Samuchchay book vedickarts.com पर उपलब्ध है। दृष्टान्त ज्ञान को हृदय तक पहुँचाने का श्रेष्ठ माध्यम है। दृष्टान्त समुच्चय हिन्दी vedickarts.com पर उपलब्ध है। Drishtant Samuchchay book वैदिक शिक्षण की एक अनमोल कृति है। वैदिक दृष्टान्तों का यह संकलन आर्य समाज साहित्य की एक अनन्य उपलब्धि है।

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