Bharatvarsha Ka Itihas (भारतवर्ष का इतिहास) — Authentic Vedic History of India | Hindi Book

Description
Bharatvarsha Ka Itihas book is a definitive and scholarly account of Indian history traced from its Vedic origins — presenting the true, unbiased, and culturally authentic narrative of India’s civilisational heritage that has often been distorted by colonial and post-colonial historiography. भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी में वैदिक सभ्यता से आरम्भ होने वाले भारतीय इतिहास का एक प्रामाणिक एवं क्रमबद्ध विवरण है।
Bharatvarsha Ka Itihas Book — वैदिक सभ्यता से इतिहास का आरम्भ
भारत की सर्वप्रथम सभ्यता तो वैदिक सभ्यता ही थी जिससे भारतवर्ष का इतिहास प्रारम्भ होता है। भारतीय इतिहास के प्रथम स्रोत भी वैदिक ग्रन्थ ही हैं — वेदों की वे शाखाएँ जिनमें ब्राह्मण-पाठ सम्मिलित है, ब्राह्मण ग्रन्थ, कल्पसूत्र, आरण्यक एवं उपनिषद् ग्रन्थ। इन ग्रन्थों में भारत-युद्ध काल के सहस्रों वर्ष पूर्व की अनेक ऐतिहासिक घटनाएँ वर्णित हैं।
भारतीय वांग्मय में स्थान-स्थान पर इतिहास की घटनाओं का वर्णन भरा पड़ा है। लेखक ने उन घटनाओं को क्रमबद्ध करने का संक्षिप्त किन्तु प्रामाणिक प्रयास किया है। यह Bharatvarsha Ka Itihas book भारतीय इतिहास को उसके वास्तविक वैदिक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करती है।
भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी — इतिहास के विकृतीकरण का सामना
भारतीय इतिहास को बहुत विकृत कर दिया गया है। सत्य को असत्य प्रदर्शित किया जाता रहा है। पाश्चात्य इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास को उसके सही सन्दर्भ से काटकर प्रस्तुत किया। इस Bharatvarsha Ka Itihas book में उन विकृतियों को उजागर करते हुए वैदिक ग्रन्थों के प्रमाणों के आधार पर सत्य इतिहास प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
आर्य समाज की दृष्टि में इतिहास-लेखन एक धार्मिक दायित्व भी है क्योंकि इतिहास की सच्चाई से ही राष्ट्र का स्वाभिमान जागृत होता है। यह भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी पुस्तक उसी स्वाभिमान-जागरण का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।
Bharatvarsha Ka Itihas Book — इतिहास-प्रेमियों एवं शोधार्थियों के लिए
यह Bharatvarsha Ka Itihas book इतिहास के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, आर्य समाज के अनुयायियों एवं प्रत्येक उस व्यक्ति के लिए अनिवार्य है जो भारतीय सभ्यता के वास्तविक इतिहास को जानना चाहता है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी ग्रन्थ भारत की वैदिक विरासत का एक प्रामाणिक दस्तावेज है।
भारतीय इतिहास को समझने के लिए वैदिक साहित्य की उपेक्षा नहीं की जा सकती। इस Bharatvarsha Ka Itihas book में रामायण एवं महाभारत काल की ऐतिहासिक घटनाओं का भी वेद-ग्रन्थों के आधार पर विवेचन किया गया है। भारत की वैदिक सभ्यता जो विश्व की सबसे प्राचीन एवं विकसित सभ्यताओं में से एक है उसकी प्रामाणिक झलक इस भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी पुस्तक में मिलती है। यह ग्रन्थ vedickarts.com पर उपलब्ध है और प्रत्येक भारत-प्रेमी के संग्रह में होना चाहिए।
इस Bharatvarsha Ka Itihas book में आर्य जाति के मूल निवास-स्थान, वैदिक काल की सामाजिक व्यवस्था, राजधर्म एवं शिक्षा-पद्धति का भी संक्षिप्त विवरण है। यह भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी पुस्तक सिद्ध करती है कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, अपितु यह एक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परम्परा है जिसकी जड़ें वेदों में हैं। यह ग्रन्थ vedickarts.com पर उपलब्ध है।
इस Bharatvarsha Ka Itihas book को पढ़कर पाठक यह समझ पाते हैं कि भारत की सभ्यता केवल 5000 वर्ष पुरानी नहीं, अपितु यह सृष्टि के आरम्भ से चली आ रही एक अविच्छिन्न परम्परा है। यह भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी ग्रन्थ भारतीय स्वाभिमान को जागृत करने वाली एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कृति है। vedickarts.com पर उपलब्ध है। इस भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी पुस्तक को प्रत्येक भारत-प्रेमी के संग्रह में होना चाहिए। Bharatvarsha Ka Itihas book vedickarts.com पर उपलब्ध है। वैदिक इतिहास की यह प्रामाणिक प्रस्तुति भारत के स्वाभिमान को जागृत करने वाली है। Bharatvarsha Ka Itihas book प्रत्येक भारत-प्रेमी के लिए vedickarts.com पर उपलब्ध है। भारतवर्ष का इतिहास हिन्दी पुस्तक vedickarts.com पर उपलब्ध है। Bharatvarsha Ka Itihas book भारत की वैदिक विरासत का प्रामाणिक दर्पण है। वैदिक सभ्यता की यह प्रामाणिक प्रस्तुति भारत के हर नागरिक के लिए आवश्यक है। Bharatvarsha Ka Itihas book vedickarts.com पर उपलब्ध है।
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Govind Ram Hasanand| Vedickarts
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