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Shreemad Devi Bhagwat (Hindi) – Shakti Puran | Gita Press Gorakhpur

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श्रीमद्देवीभागवत महापुराण भारतीय शाक्त-परम्परा का वह सर्वोच्च ग्रन्थ है जिसमें आदिशक्ति जगदम्बा के विभिन्न रूपों, लीलाओं तथा महिमा का विस्तृत एवं भावपूर्ण वर्णन प्राप्त होता है। गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह हिन्दी संस्करण सरल एवं प्रांजल भाषा में इस गूढ़ शाक्त-ग्रन्थ के भावार्थ को प्रस्तुत करता है, जिससे शक्ति-उपासक तथा सामान्य पाठक दोनों इसकी गहनता को सहजता से समझ सकें। देवीभागवत में सृष्टि-उत्पत्ति में आदिशक्ति की भूमिका, दुर्गा, काली, लक्ष्मी, सरस्वती तथा अन्य देवी-रूपों की महिमा, नवरात्रि-व्रत कथा, दुर्गा-सप्तशती का मूल आधार तथा शक्ति-उपासना की विधि-विधान का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस ग्रन्थ की विशेष महत्ता यह है कि इसमें शक्ति को सृष्टि के मूल आधार, सृजन-पालन-संहार की अधिष्ठात्री तथा समस्त देवताओं की शक्ति के स्रोत के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है, जो शाक्त-दर्शन के मूल सिद्धान्त को प्रतिपादित करता है। गीता प्रेस की यह परम्परा शुद्ध पाठ, त्रुटिहीन मुद्रण तथा सुगम भाषा-शैली के लिए विश्वभर में विश्वसनीय मानी जाती है, जिससे यह संस्करण शोधार्थियों से लेकर सामान्य गृहस्थ पाठक तक सभी के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होता है। नवरात्रि, दुर्गाष्टमी तथा अन्य शक्ति-सम्बन्धी पर्वों पर इस ग्रन्थ का पारायण विशेष पुण्यदायी माना जाता है, और अनेक शक्ति-उपासक परिवार इसका सामूहिक पाठ आयोजित करते हैं। शाक्त-सम्प्रदायों के अनुयायियों के लिए यह ग्रन्थ अपनी उपासना-पद्धति के सैद्धान्तिक आधार को समझने हेतु अनिवार्य माना जाता है। देवी-मन्दिरों के पुजारी तथा कथावाचक इस ग्रन्थ को प्रवचन एवं कथा-वर्णन हेतु प्रामाणिक सन्दर्भ-सामग्री के रूप में उपयोग करते हैं। भारतीय शाक्त-दर्शन, तन्त्र-परम्परा तथा स्त्री-शक्ति के प्रतीकात्मक अध्ययन में संलग्न शोधार्थियों के लिए भी यह ग्रन्थ एक महत्त्वपूर्ण सन्दर्भ-स्रोत है। गृहस्थ परिवारों में नवरात्रि के नौ दिनों में इस ग्रन्थ के विशेष अध्यायों का पाठ एक सुस्थापित परम्परा है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि एवं शक्ति-कृपा की प्राप्ति होती है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से गीता प्रेस का यह प्रामाणिक देवीभागवत श्रद्धालुओं, शक्ति-उपासकों तथा शाक्त-दर्शन के अध्येताओं तक सुरक्षित पैकेजिंग सहित सुगमता से पहुँचाया जाता है, जिससे आदिशक्ति की यह अमूल्य गाथा घर-घर तक संचरित हो सके। नवरात्रि के अवसर पर अनेक देवी-मन्दिरों में इस ग्रन्थ के विशेष अध्यायों का सामूहिक पारायण आयोजित किया जाता है, जिससे सम्पूर्ण समाज में शक्ति-भक्ति की भावना जागृत होती है। स्त्री-शक्ति के सम्मान तथा नारी-गौरव के प्रतीकात्मक सन्देश की दृष्टि से भी यह ग्रन्थ आधुनिक समाज में विशेष प्रासंगिकता रखता है। भारतीय तन्त्र-परम्परा तथा शाक्त-साधना के गम्भीर अध्येताओं के लिए यह ग्रन्थ एक प्रामाणिक सैद्धान्तिक आधार प्रदान करता है। देवी-उपासक परिवार इस ग्रन्थ को अपने पूजा-स्थल में श्रद्धापूर्वक सुरक्षित रखते हैं। कथा-वाचन-परम्पराओं में भी नवरात्रि के अवसर पर इस ग्रन्थ के प्रसंगों का विशेष रूप से वर्णन किया जाता है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से यह प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण सुरक्षित पैकेजिंग सहित शक्ति-उपासकों तक सुगमता से पहुँचाया जाता है, जिससे आदिशक्ति की यह महिमामयी गाथा घर-घर तक पहुँच सके। यह ग्रन्थ भारतीय समाज में नारी-शक्ति तथा मातृ-शक्ति के सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे इसकी सामाजिक उपयोगिता भी सिद्ध होती है। अनेक महिला-संगठन तथा सामाजिक संस्थान देवीभागवत के पाठ-कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज में नारी-सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। धार्मिक विद्यालयों में भी शाक्त-दर्शन के प्रारम्भिक परिचय हेतु इस ग्रन्थ के अंशों का अध्ययन कराया जाता है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से यह प्रामाणिक संस्करण सुरक्षित पैकेजिंग सहित समयबद्ध रूप से श्रद्धालुओं तक पहुँचाया जाता है, जिससे ऑनलाइन क्रय का अनुभव भी पूर्णतः सन्तोषजनक सिद्ध होता है। यह ग्रन्थ प्रत्येक शक्ति-उपासक के घर में एक पवित्र एवं प्रेरणादायी उपस्थिति के रूप में सदैव सम्मानित स्थान रखता है, जिससे परिवार में सकारात्मकता का संचार होता है।

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