Shreemad Bhagwat Mahapuran (Hindi–Sanskrit) – Bhagwat Katha | Gita Press

Product details
श्रीमद्भागवतमहापुराण अष्टादश महापुराणों में सर्वश्रेष्ठ एवं परम रसमय ग्रन्थ माना जाता है, जिसमें भगवान विष्णु के अनन्त अवतारों, विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत लीलाओं का सरस, काव्यात्मक तथा भक्ति-प्रधान वर्णन प्राप्त होता है। गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह विशाल संस्करण मूल संस्कृत श्लोकों के साथ सरल एवं प्रांजल हिन्दी अनुवाद प्रस्तुत करता है, जिससे पाठक इस परम रसमय ग्रन्थ के भावार्थ को सहजता से आत्मसात् कर सके। श्रीमद्भागवत में बारह स्कन्धों के अन्तर्गत सृष्टि-उत्पत्ति, ध्रुव-प्रह्लाद जैसे भक्तों की कथाएँ, वराह-नृसिंह-वामन अवतारों की लीला, तथा दशम स्कन्ध में भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीला, वृन्दावन-लीला, गोवर्धन-धारण, रासलीला, कालिय-दमन, कंस-वध एवं रुक्मिणी-विवाह जैसे अनेक भक्ति-रसपूर्ण प्रसंगों का विस्तृत एवं हृदयस्पर्शी वर्णन मिलता है। यह ग्रन्थ भक्ति-साहित्य में सर्वोच्च स्थान रखता है क्योंकि इसमें कृष्ण-भक्ति को नवधा-भक्ति के रूप में, श्रवण-कीर्तन-स्मरण आदि नौ साधनात्मक मार्गों के माध्यम से अत्यन्त सरलता से प्रस्तुत किया गया है। गीता प्रेस की यह परम्परा शुद्ध पाठ, त्रुटिहीन मुद्रण तथा सुगम भाषा-शैली के लिए विश्वभर में विश्वसनीय मानी जाती है, जिससे यह विशाल संस्करण शोधार्थियों से लेकर सामान्य गृहस्थ पाठक तक सभी के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होता है। भागवत-कथा-वाचन की विशाल परम्परा में सप्ताह-भागवत, मासिक-भागवत तथा अखण्ड-पारायण जैसे आयोजनों में इस ग्रन्थ का विशेष महत्त्व है, तथा देशभर में अनेक कथावाचक इसी प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण को आधार बनाकर भागवत-कथा का वर्णन करते हैं। जन्माष्टमी, एकादशी तथा अन्य कृष्ण-सम्बन्धी पर्वों पर इस ग्रन्थ का पारायण अत्यन्त पुण्यदायी माना जाता है। वैष्णव सम्प्रदायों, विशेष रूप से पुष्टिमार्ग, गौड़ीय सम्प्रदाय तथा वल्लभ सम्प्रदाय के अनुयायियों के लिए यह ग्रन्थ उनकी उपासना-पद्धति का मूल आधार-ग्रन्थ है। भक्ति-साहित्य, भारतीय दर्शन तथा वैष्णव-परम्परा के गम्भीर अध्येताओं के लिए यह ग्रन्थ एक अनिवार्य एवं विस्तृत सन्दर्भ-स्रोत है। परिवार में सुख-समृद्धि, सन्तान-सुख तथा मनोवांछित फल-प्राप्ति हेतु अनेक गृहस्थ इस ग्रन्थ का नित्य स्वाध्याय करते हैं। वृन्दावन, मथुरा तथा द्वारका की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु यात्रा-पूर्व इस ग्रन्थ का अध्ययन कर तीर्थ-माहात्म्य को गहनता से समझने का प्रयास करते हैं। बाल-गोपाल रूप में कृष्ण की सहज एवं चंचल लीलाओं का वर्णन विशेष रूप से माताओं तथा बालकों के लिए अत्यन्त प्रिय माना जाता है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से गीता प्रेस का यह प्रामाणिक एवं विशाल श्रीमद्भागवतमहापुराण श्रद्धालुओं, कथावाचकों तथा भक्ति-साहित्य के अध्येताओं तक सुरक्षित पैकेजिंग सहित सुगमता से पहुँचाया जाता है, जिससे कृष्ण-भक्ति की यह अमूल्य एवं अक्षय विरासत घर-घर तक संचरित हो सके और आने वाली पीढ़ियाँ भी इस परम रसमय ग्रन्थ के भावसागर में निमग्न हो सकें। विशाल दो हज़ार से अधिक पृष्ठों में समाहित यह ग्रन्थ धार्मिक पुस्तकालयों, आश्रमों तथा भागवत-कथा-आयोजकों के लिए एक अपरिहार्य एवं स्थायी सन्दर्भ-ग्रन्थ है। भक्ति-रस की सघनता तथा काव्यात्मक सौंदर्य की दृष्टि से इस ग्रन्थ की तुलना अन्य किसी पुराण से नहीं की जा सकती, जिसके कारण इसे पुराणों में रत्न-तुल्य स्थान प्राप्त है। अनेक परिवार सप्ताह-भागवत अथवा मासिक-भागवत का आयोजन कर इस ग्रन्थ के माध्यम से सामाजिक एवं पारिवारिक एकता को भी सुदृढ़ करते हैं। बाल्यकाल से ही बालकों को कृष्ण-लीला से परिचित कराने हेतु माता-पिता इस ग्रन्थ का सहारा लेते हैं। वेदिकआर्ट्स सुनिश्चित करता है कि यह विशाल एवं मूल्यवान ग्रन्थ सुरक्षित पैकेजिंग के साथ श्रद्धालुओं तक अक्षुण्ण रूप में पहुँचे, जिससे इस परम रसमय ग्रन्थ की पवित्रता सदैव सुरक्षित रहे। प्रवासी भारतीय समुदायों में भी भागवत-पाठ की परम्परा इस ग्रन्थ के माध्यम से जीवित रखी जाती है, जिससे विदेशों में बसे हिन्दू परिवार भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रह सकें। भक्ति-संगीत एवं कीर्तन-मण्डलियाँ भी इस ग्रन्थ के प्रसंगों को आधार बनाकर भजन-रचना करती हैं। धार्मिक टीवी-धारावाहिकों तथा कथा-प्रवचनों में भी इस प्रामाणिक गीता प्रेस पाठ का सन्दर्भ लिया जाता है, जिससे इसकी सांस्कृतिक व्यापकता निरन्तर बढ़ रही है।
Shipping and Returns
Shipping cost is based on weight. Just add products to your cart and use the Shipping Calculator to see the shipping price.
We want you to be 100% satisfied with your purchase. Items can be returned or exchanged within 30 days of delivery.
Gita Press Gorakhpur| Vedickarts
There are no question found.





Rating & Review
There are no reviews yet.