Sankshipt Padmapuran (Hindi) – Tulsi Mahima | Gita Press Gorakhpur

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संक्षिप्त पद्मपुराण (केवल हिन्दी) अष्टादश महापुराणों में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण वैष्णव पुराण पद्मपुराण के सार-तत्त्व को सरल एवं सुव्यवस्थित हिन्दी भाषा में प्रस्तुत करने वाला गीता प्रेस गोरखपुर का विशिष्ट प्रकाशन है। इस संस्करण में केवल हिन्दी भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे संस्कृत भाषा से अपरिचित सामान्य पाठक भी इस गूढ़ पुराण के भावार्थ को सहजता से समझ सकें। पद्मपुराण में सृष्टि-उत्पत्ति, तीर्थ-महिमा, व्रत-कथाएँ, दान-विधियाँ तथा भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसमें विशेष रूप से एकादशी-व्रत-कथा, कार्तिक-मास-माहात्म्य तथा तुलसी-महिमा का वर्णन अत्यन्त प्रसिद्ध है, जो गृहस्थ जीवन में धार्मिक अनुष्ठानों के निर्वहन हेतु उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करता है। गीता प्रेस की यह परम्परा शुद्ध पाठ, त्रुटिहीन मुद्रण तथा सरल भाषा-शैली के लिए विश्वभर में विश्वसनीय मानी जाती है, जिससे यह संक्षिप्त संस्करण प्रत्येक आयु-वर्ग के पाठकों के लिए समान रूप से सुगम बन जाता है। पद्मपुराण की कथाएँ मुख्यतः पाँच खण्डों—सृष्टिखण्ड, भूमिखण्ड, स्वर्गखण्ड, पातालखण्ड तथा उत्तरखण्ड—में विभाजित हैं, जिनमें से इस संक्षिप्त संस्करण में प्रमुख एवं भक्ति-प्रधान प्रसंगों का चयन किया गया है। कार्तिक-मास में तुलसी-पूजन तथा दीपदान की परम्परा का वर्णन इस ग्रन्थ की विशेष पहचान है, जो भारतीय गृहस्थ-जीवन में अत्यन्त लोकप्रिय धार्मिक अनुष्ठान है। एकादशी-व्रत के महत्त्व एवं विधि का विस्तृत वर्णन इस ग्रन्थ को वैष्णव अनुयायियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी बनाता है। तीर्थ-यात्रा, दान-पुण्य तथा व्रत-विधियों से सम्बन्धित अध्याय गृहस्थ पाठकों को धार्मिक जीवन-शैली अपनाने हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। भारतीय पुराण-साहित्य तथा वैष्णव-परम्परा के अध्येताओं के लिए भी यह संक्षिप्त संस्करण एक सुगम प्रवेश-द्वार का कार्य करता है, जिससे वे विशाल मूल ग्रन्थ के अध्ययन हेतु भी प्रेरित होते हैं। कथावाचकों तथा पुरोहितों के लिए यह ग्रन्थ प्रवचन-सामग्री के रूप में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होता है, विशेष रूप से कार्तिक-मास की कथा-वाचन परम्परा में। गृहस्थ परिवारों में नित्य स्वाध्याय तथा पारिवारिक सत्संग हेतु भी यह संस्करण व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से गीता प्रेस का यह प्रामाणिक संक्षिप्त पद्मपुराण श्रद्धालुओं तथा अध्येताओं तक सुरक्षित पैकेजिंग सहित सुगमता से पहुँचाया जाता है, जिससे यह अमूल्य धार्मिक विरासत घर-घर तक संचरित हो सके। दीपावली तथा कार्तिक-मास में तुलसी-विवाह के अवसर पर इस ग्रन्थ का पाठ विशेष रूप से आयोजित किया जाता है, जो भारतीय गृहस्थ-जीवन की एक अत्यन्त लोकप्रिय धार्मिक परम्परा है। महिलाएँ विशेष रूप से इस ग्रन्थ में वर्णित व्रत-कथाओं का श्रद्धापूर्वक पाठ करती हैं, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि तथा सौभाग्य की प्राप्ति हो। कथावाचक तथा पुरोहित इस संक्षिप्त संस्करण को कार्तिक-मास की मासिक कथा-वाचन परम्परा में नियमित रूप से उपयोग करते हैं। गीता प्रेस की स्पष्ट एवं सरल भाषा-शैली इस ग्रन्थ को प्रत्येक आयु-वर्ग के पाठकों के लिए समान रूप से सुगम बनाती है। वेदिकआर्ट्स के माध्यम से यह प्रामाणिक पद्मपुराण संस्करण सुरक्षित पैकेजिंग सहित श्रद्धालु परिवारों तक सुगमता से पहुँचाया जाता है। भारतीय त्योहार-परम्परा तथा व्रत-विधियों के अध्येताओं के लिए भी यह ग्रन्थ एक सुगम एवं प्रामाणिक सन्दर्भ-स्रोत प्रदान करता है, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रीय परम्पराओं की तुलना कर सकते हैं। लक्ष्मी-पूजन तथा धन-समृद्धि हेतु किए जाने वाले अनुष्ठानों में भी इस ग्रन्थ के प्रसंगों का सन्दर्भ लिया जाता है। गृहस्थ परिवार इस संक्षिप्त संस्करण को अपने नित्य धार्मिक जीवन का अभिन्न अंग मानते हैं। अनेक धार्मिक ट्रस्ट तथा मन्दिर-समितियाँ इस संक्षिप्त संस्करण का वितरण श्रद्धालुओं में प्रसाद-स्वरूप करती हैं। गृहस्थ जीवन में नित्य पूजा-स्थल पर इस ग्रन्थ को रखना शुभ माना जाता है। यह ग्रन्थ भारतीय गृहस्थ-जीवन में धार्मिक अनुशासन तथा नियमितता की भावना को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऑनलाइन माध्यम से इस ग्रन्थ को मंगवाने वाले ग्राहकों को वेदिकआर्ट्स द्वारा गुणवत्ता-पूर्ण पैकेजिंग एवं समयबद्ध वितरण की सुविधा प्रदान की जाती है।
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