Arya Siddhant Sagar (आर्य सिद्धान्त सागर) — Amar Singh Arya Pathik | Vedic Principles Compendium Hindi

Description
Arya Siddhant Sagar book by Amar Singh Arya Pathik is a comprehensive and authoritative compendium of Vedic principles — an ocean of Arya Samaj thought that systematically presents the foundational doctrines of Vedic dharma as revived by Maharshi Dayananda Saraswati. आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी में आर्य समाज के मूलभूत सिद्धान्तों, वैदिक धर्म की आधारभूत अवधारणाओं एवं महर्षि दयानन्द के विचारों का एक प्रामाणिक एवं सुव्यवस्थित संकलन है।
Arya Siddhant Sagar Book — आर्य सिद्धान्तों का परिचय
आर्य समाज की स्थापना 1875 ई. में महर्षि दयानन्द सरस्वती ने की थी। आर्य समाज के दस नियम, वैदिक धर्म के मूलभूत सिद्धान्त एवं सामाजिक सुधार की दिशा में उनका योगदान अतुलनीय है। यह Arya Siddhant Sagar book उन्हीं सिद्धान्तों का एक विशाल एवं व्यापक संग्रह है जो ‘सागर’ की भाँति अथाह एवं गहन है।
लेखक अमर सिंह आर्य पथिक आर्य समाज के एक प्रतिष्ठित विद्वान् एवं लेखक हैं। इस आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी ग्रन्थ में उन्होंने वैदिक धर्म के विभिन्न पहलुओं — ईश्वर का स्वरूप, आत्मा का स्वभाव, कर्म-फल का सिद्धान्त, मोक्ष का मार्ग, सामाजिक व्यवस्था एवं नैतिक आचरण — का विस्तृत एवं प्रामाणिक विवेचन किया है।
आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी — वैदिक सिद्धान्तों का सागर
इस Arya Siddhant Sagar book में आर्य समाज के विभिन्न सिद्धान्तों को प्रश्नोत्तर, निबन्ध एवं विवेचन — इन तीनों रूपों में प्रस्तुत किया गया है। यह त्रिविध प्रस्तुति इस ग्रन्थ को अन्य आर्य समाज ग्रन्थों से विशिष्ट बनाती है। प्रत्येक सिद्धान्त को वेद-प्रमाण, युक्ति एवं इतिहास-प्रमाण के आधार पर स्थापित किया गया है।
अमर स्वामी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी संस्कृत ग्रन्थ आर्य समाज साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। इसमें संस्कृत उद्धरणों के साथ हिन्दी व्याख्या दी गई है जिससे पाठक मूल वेद-वाक्यों को समझ सके।
Arya Siddhant Sagar Book — अध्येताओं एवं साधकों के लिए
यह Arya Siddhant Sagar book आर्य समाज के नए एवं पुराने दोनों प्रकार के अनुयायियों के लिए समान रूप से उपयोगी है। जो नवसाधक वैदिक सिद्धान्तों को जानना चाहते हैं उनके लिए यह एक आदर्श प्रारम्भिक ग्रन्थ है और जो अनुभवी अध्येता हैं उनके लिए यह एक सम्पूर्ण सन्दर्भ-ग्रन्थ है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी पुस्तक आर्य समाज साहित्य का एक अनमोल रत्न है।
आर्य समाज के दस नियम वैदिक जीवन का आधार हैं। इस Arya Siddhant Sagar book में इन दसों नियमों की विस्तृत व्याख्या की गई है। प्रथम नियम — ‘सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं उन सबका आदि मूल परमेश्वर है’ — से लेकर दशम नियम — ‘सब मनुष्यों को सामाजिक सर्वहितकारी नियम पालने में परतन्त्र रहना चाहिए’ — तक प्रत्येक नियम का वेद-प्रमाण सहित विवेचन इस ग्रन्थ में मिलता है।
इसके अतिरिक्त इस आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी ग्रन्थ में आर्य समाज के इतिहास, उसके प्रमुख विद्वानों के विचार एवं आर्य समाज द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों का भी संक्षिप्त विवरण दिया गया है। जाति-भेद का निवारण, स्त्री-शिक्षा का समर्थन, विधवा-विवाह का समर्थन एवं अन्धविश्वासों का खण्डन — इन सभी विषयों पर वैदिक दृष्टिकोण इस ग्रन्थ में प्रस्तुत है।
आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी पुस्तक vedickarts.com पर उपलब्ध है। Arya Siddhant Sagar book आर्य समाज साहित्य का एक अनमोल रत्न है जो प्रत्येक वैदिक साधक के संग्रह में होना चाहिए। आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी में अमर सिंह आर्य पथिक का यह ग्रन्थ आर्य समाज के दस नियमों की व्याख्या, वैदिक धर्म के मूलभूत सिद्धान्तों एवं सामाजिक सुधार के विचारों का एक अनमोल संकलन है। यह ग्रन्थ नवसाधकों को वैदिक दर्शन की मूलभूत समझ देता है एवं अनुभवी अध्येताओं के लिए एक सम्पूर्ण सन्दर्भ-ग्रन्थ है। Arya Siddhant Sagar book vedickarts.com पर उपलब्ध है। वैदिक सिद्धान्तों का यह सागर पाठक को ज्ञान की गहराई में ले जाता है। Arya Siddhant Sagar book vedickarts.com पर उपलब्ध है। आर्य सिद्धान्त सागर हिन्दी पुस्तक प्रत्येक आर्य समाजी के संग्रह में होनी चाहिए।
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