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विशुध्द मनुस्मृति (vishuddha Manusmruti)

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Description

विशुद्ध मनुस्मृति – पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय


🏷 पुस्तक परिचय

विशुद्ध मनुस्मृति पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा संपादित एक प्रामाणिक एवं संशोधित संस्करण है, जिसमें मनुस्मृति के मूल संस्कृत श्लोकों के साथ हिन्दी अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। यह संस्करण विशेष रूप से उन प्रक्षिप्त (क्षेपक) श्लोकों को पृथक कर तैयार किया गया है जो कालान्तर में ग्रंथ में सम्मिलित कर दिए गए थे।


📖 मनुस्मृति का महत्त्व

हमारे धर्म में आचार-विचार के लिए श्रुति (वेद) और स्मृति दोनों का महत्वपूर्ण स्थान है। वेदों के पश्चात् स्मृतियाँ धार्मिक आचरण का मार्गदर्शन करती हैं, और स्मृतियों में मनुस्मृति को सर्वप्रधान माना गया है।

शास्त्रीय सिद्धांत है:

“श्रुतेरिवार्थं स्मृतिरन्वगच्छत्”
अर्थात् स्मृति वेदों का ही अनुसरण करती है।

अतः वेदसम्मत आचार-व्यवहार के लिए मनुस्मृति का अध्ययन अत्यंत आवश्यक माना गया है।


✨ इस संस्करण की विशेषताएँ

इस विशुद्ध संस्करण में:

  1. प्रत्येक संस्कृत शब्द को कोष्ठक में देकर उसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

  2. तत्पश्चात श्लोक का सरल एवं स्पष्ट भावार्थ प्रस्तुत किया गया है।

  3. जहां अन्वय स्पष्ट है, वहाँ अनावश्यक व्याख्या नहीं दी गई है।

  4. कठिन शब्दों एवं द्विअर्थी पदों को कोष्ठक या टिप्पणी में समझाया गया है।

  5. विस्तृत भूमिका में यह स्पष्ट किया गया है कि किन-किन श्लोकों को क्षेपक माना गया और क्यों।

  6. केवल मौलिक एवं प्रमाणिक श्लोकों को ही इस संस्करण में स्थान दिया गया है।


👤 लेखक परिचय

पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय आर्यसमाज परंपरा के प्रतिष्ठित विद्वान थे। उन्होंने वैदिक सिद्धांतों के आधार पर मनुस्मृति का विश्लेषण करते हुए प्रक्षिप्त अंशों को अलग कर एक शुद्ध एवं अध्ययनयोग्य संस्करण प्रस्तुत किया।


📌 पुस्तक विवरण

• भाषा: संस्कृत एवं हिन्दी
• विषय: धर्मशास्त्र / वैदिक आचार / वर्णाश्रम धर्म
• लेखक: पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय

📘 मनुस्मृति का महत्व

मनुस्मृति प्राचीन धर्मशास्त्रों में अत्यन्त महत्वपूर्ण ग्रंथ है जिसमें वर्णाश्रम व्यवस्था, सामाजिक कर्तव्य, आचार-विचार तथा जीवन के नियमों का विस्तार से वर्णन है। यह ग्रंथ वैदिक परंपरा का आधार माना जाता है।


📖 यह संस्करण क्यों विशेष है?

  • प्रक्षिप्त श्लोकों की पहचान

  • केवल मौलिक श्लोकों का समावेश

  • सरल हिन्दी अनुवाद

  • संस्कृत मूल सहित

  • विद्वत्तापूर्ण भूमिका

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