Vedic Vivah Paddhati (वैदिक विवाह पद्धति) — Complete Arya Samaj Wedding Guide | Hindi Vedic Book

Description
Vedic Vivah Paddhati book is a definitive and comprehensive guide to the Vedic marriage ceremony — presenting the complete ritual, mantras, and philosophical significance of the sacred institution of marriage as understood in the Arya Samaj tradition. वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी में विवाह-संस्कार की मन्त्र-सहित सम्पूर्ण विधि, उसके आध्यात्मिक महत्त्व एवं वैदिक दाम्पत्य-जीवन के आदर्शों का एक प्रामाणिक विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
Vedic Vivah Paddhati Book — विवाह का वैदिक स्वरूप
हिन्दू परम्परा में सद्गृहस्थ की, परिवार-निर्माण की जिम्मेदारी उठाने के योग्य शारीरिक एवं मानसिक परिपक्वता आ जाने पर युवक-युवतियों का विवाह-संस्कार कराया जाता है। भारतीय संस्कृति के अनुसार विवाह कोई शारीरिक या सामाजिक अनुबन्ध मात्र नहीं है — यहाँ दाम्पत्य को एक श्रेष्ठ आध्यात्मिक साधना का भी रूप दिया गया है। इसलिए कहा गया है ‘धन्यो गृहस्थाश्रमः’।
यह Vedic Vivah Paddhati book उस आध्यात्मिक दृष्टि को पूर्णतः प्रकट करती है जो वैदिक विवाह को एक सामान्य सामाजिक अनुष्ठान से बहुत ऊपर उठाती है। इस वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी ग्रन्थ में विवाह के सप्तपदी, लाजाहोम, पाणिग्रहण एवं अन्य विधानों का मन्त्र-सहित विवरण एवं उनके गहन अर्थ का विवेचन किया गया है।
वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी — विवाह-मन्त्रों का अर्थ एवं महत्त्व
इस Vedic Vivah Paddhati book में प्रत्येक विवाह-मन्त्र का संस्कृत पाठ, हिन्दी अनुवाद एवं उसका गहन भावार्थ दिया गया है। सप्तपदी के सात वचन — जो दाम्पत्य जीवन के सात आधारभूत संकल्प हैं — का भी विस्तृत विवेचन इस ग्रन्थ में मिलता है। इन वचनों को समझने से वर-वधू अपने दाम्पत्य जीवन को वैदिक आदर्शों के अनुरूप बनाने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
सद्गृहस्थ ही समाज को अनुकूल व्यवस्था एवं विकास में सहायक होने के साथ श्रेष्ठ नई पीढ़ी के निर्माण का भी कार्य करते हैं। यह वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी पुस्तक उस उत्तरदायित्व की स्मृति वर-वधू को दिलाती है।
Vedic Vivah Paddhati Book — पुरोहितों एवं परिवारों के लिए
यह Vedic Vivah Paddhati book आर्य समाज के पुरोहितों, संस्कार-संचालकों, विवाह-आयोजकों एवं प्रत्येक उस परिवार के लिए अनिवार्य है जो वैदिक रीति से विवाह-संस्कार सम्पन्न कराना चाहता है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी ग्रन्थ वैदिक विवाह-परम्परा को जीवित रखने का एक महत्त्वपूर्ण साधन है।
वैदिक विवाह की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें वर-वधू दोनों को समान दर्जा दिया जाता है। ‘इदं दम्पती समनसौ’ — दोनों एकमना होकर जीवन-यात्रा पर निकलते हैं। यह Vedic Vivah Paddhati book इसी समानता एवं पारस्परिक सम्मान की वैदिक भावना को सुन्दर रूप में प्रस्तुत करती है। आधुनिक युग में जब विवाह-संस्था कमजोर पड़ रही है, यह वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी ग्रन्थ वैदिक दाम्पत्य-आदर्शों को पुनर्जीवित करने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह Vedic Vivah Paddhati book प्रत्येक विवाह करने वाले युगल एवं उनके परिवार के लिए अनिवार्य है।
वैदिक विवाह में अग्नि को साक्षी मानकर जो वचन लिए जाते हैं वे केवल सामाजिक प्रतिज्ञाएँ नहीं, अपितु ये ईश्वर के समक्ष की गई आध्यात्मिक प्रतिज्ञाएँ हैं। इस Vedic Vivah Paddhati book में इन वचनों का गहन अर्थ एवं उनके जीवन में पालन की विधि भी बताई गई है। यह वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी पुस्तक आधुनिक दम्पतियों को वैदिक दाम्पत्य-जीवन की सुन्दरता एवं गहराई से परिचित कराती है। vedickarts.com पर उपलब्ध है।
वैदिक विवाह परम्परा को जीवित रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह Vedic Vivah Paddhati book उस परम्परा को पुनर्जीवित करने का एक सशक्त माध्यम है। वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी की यह पुस्तक vedickarts.com पर उपलब्ध है। वैदिक विवाह में दिए गए वचन जीवनभर के संकल्प हैं। Vedic Vivah Paddhati book vedickarts.com पर उपलब्ध है। वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी पुस्तक प्रत्येक आर्य समाजी परिवार के लिए अनिवार्य है। वैदिक विवाह की यह परम्परा भारतीय संस्कृति का एक स्वर्णिम अध्याय है। Vedic Vivah Paddhati book vedickarts.com पर उपलब्ध है। वैदिक विवाह पद्धति हिन्दी पुस्तक आज ही मँगाएँ।
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Ramlal Kapoor Trust Books | Vedickarts
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