Chatruveda Ganga Lahari (चतुर्वेद गंगा लहरी) — Dr. Satyavrat Siddhantalankar | Hindi English Vedic Anthology

Description
Chatruveda Ganga Lahari book by Dr. Satyavrat Siddhantalankar is a rare and essential bilingual anthology of selected hymns from all four Vedas, presented with Hindi and English translations for the benefit of both Indian and international readers. चतुर्वेद गंगा लहरी हिन्दी अंग्रेजी में चारों वेदों के लगभग 400 चुने हुए मन्त्रों का यह संकलन वैदिक साहित्य के जिज्ञासुओं के लिए एक अमूल्य उपहार है।
Chatruveda Ganga Lahari Book — ग्रन्थ की रचना-प्रक्रिया एवं पृष्ठभूमि
यह पुस्तक पहले अंग्रेजी में लिखी गयी थी और इसका नाम “Glimpses of the Vedas” था। फिर लेखक ने इस पुस्तक को हिन्दी और अंग्रेजी दोनों अनुवाद के साथ “चतुर्वेद गंगा लहरी” के नाम से पुनः प्रकाशित किया। यह Chatruveda Ganga Lahari book अंग्रेजी और हिन्दी दोनों जानने वालों की दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
इस चतुर्वेद गंगा लहरी हिन्दी अंग्रेजी ग्रन्थ की एक विशेष उपयोगिता यह है कि जो व्यक्ति हिन्दी जानते हैं वे भी इस पुस्तक से जान सकते हैं कि मैक्समूलर, सर विलियम जोन्स, मैटरलिंक, शोपेनहावर आदि विदेशी विद्वान् किस प्रकार वेद और वैदिक संस्कृति से प्रभावित हुए। इन पाश्चात्य विद्वानों की वेद के प्रति श्रद्धा एवं उनके उद्धरण इस ग्रन्थ को एक विशेष अन्तर्राष्ट्रीय आयाम प्रदान करते हैं।
चतुर्वेद गंगा लहरी — चारों वेदों के चुने हुए मन्त्र
इस Chatruveda Ganga Lahari book में चारों वेदों — ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद — से लगभग 100-100 मन्त्र चुने गये हैं। प्रत्येक वेद से ऐसे सूक्त चुने गये हैं जो दैनिक जीवन में प्रत्येक व्यक्ति के काम आते हैं। इनमें से कई सूक्त ऐसे भी हैं जिनसे अनेक लोग परिचित हैं किन्तु उनका अर्थ नहीं जानते — इस ग्रन्थ से वे उनका गहन अर्थ समझ सकते हैं।
प्रत्येक मन्त्र के साथ हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अनुवाद एवं भावार्थ दिया गया है। इससे यह चतुर्वेद गंगा लहरी हिन्दी अंग्रेजी संकलन भारतीय एवं विदेशी — दोनों प्रकार के पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी है।
Chatruveda Ganga Lahari Book — वेद-प्रसार एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्त्व
डॉ. सत्यव्रत सिद्धान्तालङ्कार का यह Chatruveda Ganga Lahari book वेदों को एक वैश्विक पाठक-वर्ग तक पहुँचाने का एक सफल एवं प्रशंसनीय प्रयास है। वेद केवल भारत की नहीं अपितु समस्त मानवता की सांस्कृतिक धरोहर हैं — इस भावना को यह ग्रन्थ सार्थक रूप से प्रतिपादित करता है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह चतुर्वेद गंगा लहरी हिन्दी अंग्रेजी ग्रन्थ वैदिक साहित्य के प्रत्येक जिज्ञासु के लिए एक दुर्लभ एवं संग्रहणीय कृति है।
इस Chatruveda Ganga Lahari book में चुने गये वैदिक मन्त्र दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं — परिवार, समाज, स्वास्थ्य, शिक्षा, राष्ट्र एवं आध्यात्मिकता — से सम्बन्धित हैं। इससे पाठक यह समझ पाते हैं कि वेद केवल धार्मिक अनुष्ठानों का संग्रह नहीं, अपितु वे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र का मार्गदर्शन करने वाला एक सम्पूर्ण ज्ञान-भण्डार हैं। डॉ. सत्यव्रत सिद्धान्तालङ्कार की यह चतुर्वेद गंगा लहरी हिन्दी अंग्रेजी कृति वेद-प्रचार के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण योगदान है। विदेशी विद्वानों की वेद-प्रशंसा के उद्धरणों से युक्त यह ग्रन्थ भारतीय सांस्कृतिक गौरव का एक उत्कृष्ट दस्तावेज है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह Chatruveda Ganga Lahari book वैदिक साहित्य के प्रत्येक जिज्ञासु के लिए अनिवार्य संग्रह है।
वेदों के इन चुने हुए मन्त्रों को पढ़कर पाठक यह अनुभव करते हैं कि हजारों वर्ष पूर्व रचित ये मन्त्र आज भी मानव-जीवन की गहनतम आकांक्षाओं एवं प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम हैं। इस Chatruveda Ganga Lahari book की द्विभाषी प्रस्तुति इसे भारत एवं विदेश — दोनों के पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी बनाती है। चतुर्वेद गंगा लहरी हिन्दी अंग्रेजी का यह संकलन वैदिक सभ्यता की महानता का एक जीवन्त प्रमाण है। यह ग्रन्थ vedickarts.com पर उपलब्ध है।
इस Chatruveda Ganga Lahari book में वेदों के उन मन्त्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है जो संसार की उत्पत्ति, ईश्वर का स्वरूप, मनुष्य का कर्तव्य एवं समाज के संगठन जैसे मौलिक प्रश्नों का उत्तर देते हैं। इन मन्त्रों का हिन्दी एवं अंग्रेजी में सरल एवं प्रवाहपूर्ण अनुवाद इस चतुर्वेद गंगा लहरी हिन्दी अंग्रेजी ग्रन्थ को एक अत्यन्त मूल्यवान शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक संसाधन बनाता है। यह पुस्तक वैदिक साहित्य के प्रत्येक जिज्ञासु के लिए vedickarts.com पर उपलब्ध है।
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Govind Ram Hasanand| Vedickarts
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