Yagya Kya Kyon Kaise (यज्ञ क्या? क्यों? कैसे?) — Complete Vedic Yagya Guide | Arya Samaj Hindi Book

Description
Yagya Kya Kyon Kaise book is a definitive and comprehensive Hindi guide to the Vedic science of Yagya — answering the three most fundamental questions about this ancient sacred practice: what is Yagya, why should it be performed, and how is it conducted. यज्ञ क्या क्यों कैसे हिन्दी में यज्ञ के वैज्ञानिक, आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक पक्षों का एक सम्पूर्ण एवं प्रामाणिक विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
Yagya Kya Kyon Kaise Book — यज्ञ का वैदिक स्वरूप
किसी भी पूजा अथवा जप आदि के बाद अग्नि में दी जाने वाली आहुति की प्रक्रिया हवन के रूप में प्रचलित है। यज्ञ किसी खास उद्देश्य से देवता विशेष को दी जाने वाली आहुति है — इसमें देवता, आहुति, वेद मन्त्र, ऋत्विक एवं दक्षिणा अनिवार्य रूप से होते हैं। इस यज्ञ क्या क्यों कैसे हिन्दी ग्रन्थ में यज्ञ की इस वैदिक परिभाषा को और अधिक विस्तार से समझाया गया है।
वेदों में यज्ञ को ‘श्रेष्ठतम कर्म’ कहा गया है। ‘यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवाः’ — इस वैदिक वाक्य में यज्ञ की सर्वोच्चता प्रतिपादित है। यह Yagya Kya Kyon Kaise book यह स्पष्ट करती है कि यज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, अपितु यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसका पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
यज्ञ क्या क्यों कैसे हिन्दी — यज्ञ की वैज्ञानिक महत्ता
आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों ने भी यह सिद्ध किया है कि यज्ञ में प्रयुक्त हवन-सामग्री जब अग्नि में डाली जाती है तो वायुमण्डल में अनेक लाभकारी तत्त्व फैलते हैं जो रोगाणुओं को नष्ट करते हैं एवं वातावरण को शुद्ध करते हैं। इस Yagya Kya Kyon Kaise book में इस वैज्ञानिक पक्ष को भी विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया है।
यज्ञ की सामग्री — घृत, समिधा, औषधीय जड़ी-बूटियाँ — का चयन किस प्रकार करें, यज्ञ की विधि क्या है, मन्त्रों का उच्चारण किस प्रकार करें — इन सभी व्यावहारिक प्रश्नों का उत्तर इस यज्ञ क्या क्यों कैसे हिन्दी पुस्तक में मिलता है।
Yagya Kya Kyon Kaise Book — साधकों एवं परिवारों के लिए
आर्य समाज की परम्परा में प्रतिदिन हवन-यज्ञ का अत्यन्त महत्त्व है। यह Yagya Kya Kyon Kaise book प्रत्येक आर्य समाजी परिवार, यज्ञ में रुचि रखने वाले नवसाधकों एवं वैदिक कर्मकाण्ड के जिज्ञासुओं के लिए एक अनिवार्य सन्दर्भ-ग्रन्थ है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह यज्ञ क्या क्यों कैसे हिन्दी पुस्तक वैदिक यज्ञ-विज्ञान को सरल एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करती है।
इस Yagya Kya Kyon Kaise book में यज्ञ एवं हवन में अन्तर को भी स्पष्ट किया गया है। हवन एक दैनिक शुद्धिकरण की प्रक्रिया है जबकि यज्ञ एक विस्तृत एवं उद्देश्यपूर्ण अनुष्ठान है। इस अन्तर को जानना वैदिक कर्मकाण्ड को समझने के लिए आवश्यक है। यज्ञ में प्रयुक्त मन्त्रों की वैज्ञानिक एवं ध्वनि-चिकित्सा की दृष्टि से महत्ता भी इस यज्ञ क्या क्यों कैसे हिन्दी पुस्तक में बताई गई है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह Yagya Kya Kyon Kaise book वैदिक यज्ञ-विज्ञान को समझने का एक पूर्ण एवं व्यावहारिक ग्रन्थ है।
आर्य समाज में प्रतिदिन प्रातः एवं सायं अग्निहोत्र यज्ञ करने की परम्परा है। इस Yagya Kya Kyon Kaise book में इस दैनिक अग्निहोत्र की विधि एवं उसके लाभों का भी विस्तृत विवेचन है। यज्ञ केवल एक धार्मिक कर्तव्य नहीं, अपितु यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो परिवार के स्वास्थ्य, मानसिक शान्ति एवं वातावरण की शुद्धि में योगदान देती है। vedickarts.com पर उपलब्ध यह यज्ञ क्या क्यों कैसे हिन्दी पुस्तक प्रत्येक आर्य समाजी परिवार के लिए अनिवार्य है।
यज्ञ की महत्ता केवल व्यक्तिगत नहीं, अपितु सामाजिक भी है। जब सामूहिक यज्ञ होता है तो पूरा समुदाय एक साथ आकर एक सामूहिक कल्याण की कामना करता है। यह सामाजिक एकता एवं सहयोग की भावना को बढ़ाता है। इस Yagya Kya Kyon Kaise book में यज्ञ के इस सामाजिक पक्ष को भी उजागर किया गया है। यह यज्ञ क्या क्यों कैसे हिन्दी पुस्तक vedickarts.com पर उपलब्ध है।
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