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श्रीमदभगवदगीता सिद्धांत Shrimadbhagwadgita Siddhant

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Description

श्रीमद्भगवद्गीता सिद्धांत (Śrīmad Bhagavadgītā Siddhānta)

“श्रीमद्भगवद्गीता सिद्धांत” एक दार्शनिक और आध्यात्मिक ग्रंथ है जिसमें भगवद्गीता के मूल सिद्धांतों और उपदेशों का व्यवस्थित विवेचन किया गया है। यह पुस्तक गीता के शाश्वत ज्ञान—कर्म, ज्ञान और भक्ति—को स्पष्ट और सरल रूप में समझाने का प्रयास करती है।

सम्पूर्ण गीता शास्त्र का निचोड़ है बुद्धि को हमेशा सूक्ष्म करते हुए महाबुद्धि आत्मा में लगाये रक्खो तथा संसार के कर्म अपने स्वभाव के अनुसार सरल रूप से करते रहो। स्वभावगत कर्म करना सरल है और दूसरे के स्वभावगत कर्म को अपनाकर चलना कठिन है क्योंकि प्रत्येक जीव भिन्न भिन्न प्रकृति को लेकर जन्मा है, जीव जिस प्रकृति को लेकर संसार में आया है उसमें सरलता से उसका निर्वाह हो जाता है। श्री भगवान ने सम्पूर्ण गीता शास्त्र में बार-बार आत्मरत, आत्म स्थित होने के लिए कहा है।

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