Vedic Books

Nayay darshan(न्याय दर्शन आचार्य उदयवीर शास्त्री )

450.00
28 people are viewing this right now
Estimated Delivery:
04 - 11 Feb, 2026
payment-processing
Guaranteed safe & secure checkout

Description

न्याय दर्शन भारत के छः वैदिक दर्शनों में एक दर्शन है। इसके प्रवर्तक ऋषि अक्षपाद गौतम हैं जिनका न्यायसूत्र इस दर्शन का सबसे प्राचीन एवं प्रसिद्ध ग्रन्थ है। जिन साधनों से हमें ज्ञेय तत्त्वों का ज्ञान प्राप्त हो जाता है, उन्हीं साधनों को ‘न्याय’ की संज्ञा दी गई है। देवराज ने ‘न्याय’ को परिभाषित करते हुए कहा है- नीयते विवक्षितार्थः अनेन इति न्यायः (जिस साधन के द्वारा हम अपने विवक्षित (ज्ञेय) तत्त्व के पास पहुँच जाते हैं, उसे जान पाते हैं, वही साधन न्याय है।) दूसरे शब्दों में, जिसकी सहायता से किसी सिद्धान्त पर पहुँचा जा सके, उसे न्याय कहते हैं। प्रमाणों के आधार पर किसी निर्णय पर पहुँचना ही न्याय है। यह मुख्य रूप से तर्कशास्त्र और ज्ञानमीमांसा है। न्यायदर्शन में १६ पदार्थ माने गये हैं-
• १. प्रमाण – ये मुख्य चार हैं – प्रत्यक्ष , अनुमान , उपमान एवं शब्द।
• २. प्रमेय – ये बारह हैं – आत्मा, शरीर, इन्द्रियाँ, अर्थ , बुद्धि / ज्ञान / उपलब्धि , मन, प्रवृत्ति , दोष, प्रेतभाव , फल, दुःख और उपवर्ग।
• ३. संशय
• ४. प्रयोजन
• ५. दृष्टान्त
• ६. सिद्धान्त – चार प्रकार के है : सर्वतन्त्र सिद्धान्त , प्रतितन्त्र सिद्धान्त, अधिकरण सिद्धान्त और अभुपगम सिद्धान्त।
• ७. अवयव
• ८. तर्क
• ९. निर्णय
• १० वाद
• ११ जल्प
• १२ वितण्डता
• १३. हेत्वाभास – ये पांच प्रकार के होते हैं : सव्यभिचार, विरुद्ध, प्रकरणसम, साध्यसम और कालातीत।
• १४. छल – वाक् छल , सामान्य छल और उपचार छल।
• १५. जाति
• १६. निग्रहस्थान

Quick Comparison

SettingsNayay darshan(न्याय दर्शन आचार्य उदयवीर शास्त्री ) removeSatyarth Prakash(सत्यार्थ प्रकाश) संस्कृत भाषा removeANUVADA CHANDRIKA(अनुवाद चंद्रिका) (Sanskrit, Paperback) by डॉ ब्रह्मानंद त्रिपाठी removeAryapathhik Lekhram by स्वामी श्रीधनन्द removeShruti-Saurabh(श्रुति-सौरभ) (Hindi) Hardcover removeBhartiya Itihaas Ki Bhayankar Bhulen(भारतीय इतिहास की भयंकर भूले) remove
ImageNayay darshan(न्याय दर्शन आचार्य उदयवीर शास्त्री )Satyarth Prakash(सत्यार्थ प्रकाश) संस्कृत भाषाANUVADA CHANDRIKA(अनुवाद चंद्रिका) (Sanskrit, Paperback) by डॉ ब्रह्मानंद त्रिपाठीAryapathhik Lekhram by स्वामी श्रीधनन्दShruti-Saurabh(श्रुति-सौरभ) (Hindi) HardcoverBhartiya Itihaas Ki Bhayankar Bhulen(भारतीय इतिहास की भयंकर भूले)
SKU
Rating
Price
450.00
325.00
125.00
125.00
300.00
250.00
Stock
Description

Product details

  • Item Weight : 620 g
  • Hardcover : 496 pages
  • ISBN-10 : 818796121X
  • ISBN-13 : 978-8187961215
  • Product Dimensions : 22 x 14 x 2 cm
  • Language: : Hindi, Sanskrit

Product details

  • Item Weight : 38 g
  • Paperback : 424 pages
  • ASIN : B06XSJJ4LP
  • Product Dimensions : 17.4 x 12 x 2 cm
  • Publisher : CHAUKHAMBA SURBHARATI PRAKASHAN (1 January 2013)
  • Language: : Sanskrit

Product details

  • Hardcover : 496 pages
  • ISBN-10 : 8170770963
  • ISBN-13 : 978-8170770961
  • Language: : Hindi
  • Paperback : 304 pages
  • Product Dimensions : 20 x 14 x 4 cm
  • Publisher : Hindi Sahitya Sadan 
  • Language: : Hindi
Weight
DimensionsN/AN/AN/AN/AN/AN/A
Additional information
Add to cart

Select the fields to be shown. Others will be hidden. Drag and drop to rearrange the order.
  • Image
  • SKU
  • Rating
  • Price
  • Stock
  • Description
  • Weight
  • Dimensions
  • Additional information
  • Attributes
  • Add to cart
Click outside to hide the comparison bar
Compare
1
0
Enable Notifications OK No thanks